आज विश्व तस्वीर दिवस १९ अगस्त को मनाई जा रही है। तस्वीर सिर्फ तस्वीर ही नहीं बल्कि अहसास भी होती है ।
तस्वीर के संसार से एक मेरी भी तस्वीर मेरी स्व० सासु माता जी के साथ क्योंकि मेरी इस संसार का दीपक उनके ही आशीर्वाद से प्रज्जवलित है।

आज विश्व तस्वीर दिवस १९ अगस्त को मनाई जा रही है। तस्वीर सिर्फ तस्वीर ही नहीं बल्कि अहसास भी होती है ।
तस्वीर के संसार से एक मेरी भी तस्वीर मेरी स्व० सासु माता जी के साथ क्योंकि मेरी इस संसार का दीपक उनके ही आशीर्वाद से प्रज्जवलित है।***********************
पुरानी तस्वीर जब सामने आती है!
सारे वो भुले बिसरे पल याद आती है !
जब बीते दिनों को याद करते सब राज दिलों का खोल देती।
तस्वीर पुरानी हो जाती है!
यादें ताजी हो जाती हैं !
कुछ रिश्ते जीवन के सफ़र में छुट जाती है !
तस्वीर के बहाने उन यादों की खुशियां छोड़ जाती है।
गुलशन सा बगिया का फुल खिला जाती है!
तस्वीर पुरानी जब भी देखती उनकी यादों से रिश्तों की मधुरता बनी रहती है !
तस्वीर पुरानी !
सच में बोल उठती हैं !
अपनी सारी खुशियों की पोटली खोल देती है !
एक तस्वीर !
कई हजार यादें !
हंसी ठिठोली की बातें और बीते हुए साथ के पल !!
जो छुट गए उनकी यादें को ताजा करती ये तस्वीर पुरानी !!
✍🏻 श्यामा प्रभाकर दास
मुम्बई




