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सावन

सावन———— सावन के महीने में जगत शिवजी ने संभाला है विष्णु जी ने क्षीर सागर मैं अपना आसन जमाया है

मनभावन सावन में बरखा छम छम बरसती है। काशी में बाबा की कृपा बरसती है।   

मेघ झमाझम बरसे

हरियाली छाई है।

शिवालयों में जाकर देखो कैसे भीड़ उमड़ आई है

हर इच्छा पूरी होगी जो भी मन में आईं है।

सावन में रोज शिवालय जाओ

मैंने चाहा वर पाओ।

गौरी मां के चरणों में अपने शीश झुका आओ।

आकाश में ढोल नगाड़े बाजे 

बिजली भी चमकती है।

गर्मी से तपते मन में शीतलता भर्ती है।

शिव पूजा से देखो मन प्रसन्न होता है।

सावन में शिव पूजा का बहुत ही महत्व होता है।

अब के सावन में तन मन को खुशियों से भर डालो।

अमृत आकाश से बहता है उससे अपने सपने रंग डालो।

देकर के जगत को खुशियां, 

मनचाहा वर पालो

सावन के महीने में जगत शिवजी ने संभाला है।

भोले की करके पूजा

अपना उद्धार करा डालो। मधु वशिष्ठ फरीदाबाद हरियाणा

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