E-Paperवातयामा छंद

हमारा भारत

वातयामा छंद

हमारा भारत

वातयामा छंद 

221–1222–22=16

 

जग में सबसे भारत ऊॅंचा ,

इसकी सब मिल गाएं गाथा।

यह पावन धरती वीरों की,

है मानवता इसका माथा।

 

विज्ञान विधान दिया जग को,

फैली जग में इसकी छाया।

है ऋषि मुनियों की यह धरती,

सच प्रेम अहिंसा सिखलाया।।

 

गंगा जमुना पावन धारा,

संस्कृति शुभ भारत की गाथा।

हम सब रहते मिलकर सॅंग में,

जय हो जय भारत जयगाथा।।

 

स्वरचित 

डाॅ सुमन मेहरोत्रा ‘सुरभि’

मुजफ्फरपुर, बिहार

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