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पुरानी तस्वीर के पन्नों से :-

पुरानी तस्वीर के पन्नों से :-

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छवि तुम्हारी कृष्णा जैसी !

नटखट बालपन तेरा!

पीताम्बरी पहन कर तु !

बांसुरी जब ले..लेता!

मोर पंख माथे पर सजा कर

ले लूं मैं बलैया तेरी…

बन जा मेरा नन्द गोपाल !

तु मेरा कृष्ण कन्हैया !

मैं यशोदा मैया तेरी !!

यादें तेरी बचपन की

भुल न पाती हूं …

नैन वही पल निहारे तेरी…

पीताम्बरी पहन कर जब जब मुस्काता था… तु !

मेरा वो वात्सल्य प्रेम वहीं पर पाता था… तु !

वही छवि कृष्णा की तुम में

वही प्यारा सा नटखटपन,

शरारत तेरी बचपन की…

तोतली सा भोलापन….

तु…मेरा कृष्णा !

मैं यशोदा मैया …री!

✍🏻 श्यामा प्रभाकर दास

        मुम्बई

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