E-Paperसाहित्य रचना

कोमल है कमजोर नहीं…

कोमल है कमजोर नहीं…

कोमल है कमजोर नहीं तू 

शक्ति का नाम ही नारी है…

जग को जीवन देने वाली 

मौत भी तुझसे हारी है..

सतियों के नाम पर तुझे जलाया

मीरा के नाम पर जहर पिलाया 

सीता जैसी अग्नि परीक्षा 

आज भी जग में जारी है..

कोमल है कमजोर नहीं तू 

शक्ति का नाम ही नारी है..

पुरुषों वाले सारे ही 

अधिकारों की अधिकारी है 

बहुत हो चुका अब मत सहना 

तुझे इतिहास बदलना है 

नारी को कोई कह ना पायें

अबला है ,बेचारी है..

कोमल है कमजोर नहीं तू 

शक्ति का नाम ही नारी है। 

श्वेता ईनाणी ,उदयपुर

सेक्टर 4

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