सतना रजिस्ट्री कार्यालय में नियम विरुद्ध रजिस्ट्रियों का आरोप
अशिक्षित किसान की जमीन का सौदा

सतना रजिस्ट्री कार्यालय में नियम विरुद्ध रजिस्ट्रियों का आरोप
अशिक्षित किसान की जमीन का सौदा
नियमों को ठेंगा दिखाकर सतना में नगद रजिस्ट्री का बड़ा खेल
सतना रजिस्ट्री कार्यालय में बड़े खेल का मामला सामने आया है। सरकार के नियम और गाइडलाइन के अनुसार किसी भी रजिस्ट्री में अधिकतम दो लाख रुपये तक ही नगद भुगतान किया जा सकता है, बाकी राशि खाते या चेक के माध्यम से लेनी अनिवार्य है। लेकिन आरोप है कि सतना जिले में लगातार चार रजिस्ट्रियों में इस नियम को दरकिनार कर दिया गया। बताया जा रहा है कि विपिन जैन सतना, पप्पू चौधरी मैहर और सतीश चौधरी सतना ने मैहर के एक अशिक्षित किसान की जमीन को कथित रूप से बहला-फुसलाकर सतना ले जाकर रजिस्ट्री करा ली। इसी मामले में रामआश्रय दहिया की जमीन की रजिस्ट्री सुरभि जैन और विकास चौधरी के नाम एक ही दिन में करा दी गई, जिसमें एक रजिस्ट्री में आधी रकम नगद और आधी चेक से दर्शाई गई, जबकि दूसरी रजिस्ट्री में पूरी रकम नगद बताई गई। आरोप है कि सह-खातेदार मीरा दहिया और रामसेवक दहिया की रजिस्ट्री भी इसी तरह पूरी नगद राशि दिखाकर करा दी गई, जबकि नियमानुसार दो लाख रुपये से अधिक नगद लेनदेन की अनुमति नहीं है। आठ से दस लाख रुपये में बेची गई इस जमीन की रजिस्ट्री कथित तौर पर बिना जांच के आसानी से कर दी गई। मामले में रजिस्ट्रार कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना में की गई रजिस्ट्री में कई सारी बड़ी त्रुटियां पाई गई है जिसमें मौके पर जमीन खरीदी बिक्री के समय क्रेता विक्रेता की फोटो खींची जाती है लेकिन किसी भी रजिस्ट्री में करता और विक्रेता की फोटो रजिस्ट्री में अंकित नहीं की गई है इसके साथ ही पटवारी प्रतिवेदन नक्शा भी मानो काल्पनिक तैयार कर रजिस्ट्री में लगाया गया रजिस्ट्री में नगद राशि का लेनदेन का उल्लेख होने के बावजूद रजिस्टार महोदय ने आंख मूंदकर रजिस्ट्री कर दी ।



