साहित्य रचना
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शीर्षक “उस पार न जाने क्या होगा।
शीर्षक “उस पार न जाने क्या होगा।” उस पार न जाने क्या होगा चाँद उदित हो कर नभ में, कुछ…
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कभी लगे बरसा रानी, कभी लगे बरसा बैरन।
कभी लगे बरसा रानी, कभी लगे बरसा बैरन। तप्त धरा पर जब बरसा बरसे, तब लगे बरसा रानी। ठंडी-ठंडी…
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श्रृध्देय मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर
नमन मंच दिनांक 31.7.26 श्रृध्देय मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर शीर्षक शब्द पुष्पांजलि साहित्य कला जगत के…
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मुंशी प्रेमचंद्र शत् शत् नमन
मुंशी प्रेमचंद्र शत् शत् नमन ================== जहाँ हर ओर असमाजिक तत्व फैला हुआ था निर्बल , निसहाय समाज में लड़…
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साहित्य जगत के महान हस्ती
साहित्य जगत के महान हस्ती “मुंशी प्रेम चंद” जयंती विशेष ==========≠=================== १४६ वीं जयंती पर,साहित्य सम्राट को नमन। निर्भिक,ज्वलंत सार्थक,साहित्य…
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कलम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद जयंती
कलम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद जयंती कलम का मजदूर कहकर, स्वयं को जो पहचान गए, शब्दों से जन-मन की…
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रचना: “शस्त्र ही श्रृंगार”
३१/०७/२६, शुक्रवार रचना: “शस्त्र ही श्रृंगार” ✍🏻 श्यामा प्रभाकर दास बहुत खनकी चूड़ी अपनी, बहुत खनकी चूड़ी अपनी, अब…
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अहसास तेरा
अहसास तेरा ************** हां मुझे एहसास है तेरा मां मुझे छोड़कर क्यों चली गई तू मां प्यार का एहसास ही…
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शीर्षकःशोषण विकास हेतु
शीर्षकःशोषण विकास हेतु विकास कोई मजबुरी नही है। सबका विकास ,देशका विकास है। मगर चंद लोगों का विकास ,बाकी…
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मित्रता
मित्रता मित्र वही, जो अंतरमन की व्यथा जान ले आँखों की भाषा बिना कहे पहचान ले। मन की हलचल…
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