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अहसास तेरा

अहसास तेरा

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 हां मुझे एहसास है तेरा मां

मुझे छोड़कर क्यों चली गई तू मां

प्यार का एहसास ही मुझे जिंदा रखा है मां

मैंने एहसास को महसूस किया है

जिसने भी इसे महसूस किया है

जैसे वह भी सब कुछ पा लिया है

तुम्हारे प्यार का एहसास

आज भी बेचैन कर देता है मां

याद आती है मुझे वो गोद में बिठाकर

प्यार से सर को सहलाना

हां, एहसास होता है कि तुम यही मेरे आस-पास हो

वह बारिश में भींगने से बचाना

बुखार होने का कहकर डराना

अपनी हाथों से खाना खिलाना

बस्तर और पानी का बोतल लेकर

बस स्टॉप पर छोड़ने आना

फिर बाय-बाय कर कर हाथ हिलाना

विद्यालय से आने का बेसब्री से इंतजार वो पढ़ाई के लिए डांटना, होमवर्क बनवाना

बीमार होने पर घर को सिर पर उठाना

वो एहसास आज भी हमारे अंदर जिंदा है मां

क्या करूं मैं तुम्हें भूल नहीं पाती मां

तुम्हारी वो प्यारी बातें, मुझे चैन से सोने नहीं देती

हर पल तुम्हारी यादें सताती है

मां मेरे पास आ जाओ ना

तुम्हारे बिना अब जीने को दिल नहीं करता

अब सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे होने का एहसास ही जिंदा है

 

 डॉ मीना कुमारी परिहार

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