
विषय -वीर हनुमान
विधा -तांका
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पथगामी हो
सबको राह दिखा
मंजिल पर
पहुंचा पार लगा
सबका करें भला ।
पीरा हरते
है कष्ट निवारक
गले लगाते
पालनहार तुम
करो मुझे उद्धार।
राम के भक्त
वीर हनुमान जी
जपत राम
चरण,शरण में
प्रभु तुम रखना।
जो भी तुम्हारा
सुमिरन करता
भव सागर
हो जाता वही पार
जग पालनहार।।
सुषमा सिंह*उर्मि,,




