15 अगस्त स्वतन्त्रता दिवससाहित्य रचना
तिरंगे में सावन

तिरंगे में सावन
सावन की हरियाली,
सावन में हरियाली ही हरियाली—
यह हरियाली सावन में ही नहीं,
हमारे तिरंगे में भी दिखाई देती है।
यह हरियाली सावन की ही तो पहचान है,
और तिरंगे की शान भी।
तिरंगे में लहराती हरियाली में
इतनी ताकत है कि सावन की कोई लहर
उसे झुका नहीं सकती।
हमारा तिरंगा सबसे ऊँचा रहे—
यह बात हमें सावन भी सिखाता है।
सावन की बरसात और उसकी हरियाली
धरती को नया जीवन देती है,
और हमारा तिरंगा हमें
देश को सदैव आगे बढ़ाते रहने की सीख देता है।
सावन आता है,
हरियाली और खुशहाली लाता है,
और हर बार हमें यह याद दिला जाता है—
हमारा तिरंगा सदैव ऊँचा रहे,
हमारा देश सदैव आगे बढ़ता रहे।
— लेखिका: मनीषा कुमारी




