शीर्षक: शिव शंभो

शीर्षक: शिव शंभो
_डॉ. अंजली सामंत, महाराष्ट्र
घर में भक्ति का सागर उमड़ता है।
‘ॐ नमः शिवाय’ के जाप से सारा घर गुंजायमान होता है।
शिवलीलामृत का पाठ निरंतर चलता है,
और किसान का घर मंगलमय हो जाता है॥1॥
माता सोलह सोमवार का व्रत करती हैं।
श्वेत वस्त्र धारण कर पूजा-अर्चना करती हैं।
गेहूँ की रोटी चूल्हे पर बनाकर
आपको भोग अर्पित करती हैं।
प्रसाद सभी में वितरित कर जीवन धन्य हो जाता है॥2॥
अकस्मात नीलकंठ, रक्तनेत्र वाले
भगवान शिव-शंकर ने दर्शन दिए।
अज्ञानतावश हम आपसे दूर हो गए थे,
परंतु आपकी लीला अपरम्पार है॥3॥
आनंद तांडव के माध्यम से
विश्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ।
लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान पाया।
पांडिचेरी में भरतनाट्यम में सहभागिता कर
शिव-शंकर जी को शत-शत नमन किया॥4॥
यह ईश्वरीय संयोग और चमत्कार था।
सर्वत्र आपका ही नाम गूंज रहा था।
धन्य-धन्य शिव-शंकर, आप महान हैं।
सदा अपने आशीर्वाद का हाथ हमारे शीश पर रखना।
आपकी कृपा से जीवन धन्य हो गया॥5॥




