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भारत माँ माँग रही कुर्बानी :—-

भारत माँ माँग रही कुर्बानी :—-

 

भारत माँ माँग रही कुर्बानी, आज नहीं तो कब करोगे?

 

भ्रष्टाचार ने जड़े जमा ली ,

सदाचार से तुम खोदोगे । 

राहें ईमान की आसां नहीं है, 

हिम्मत से तुम काम लोगे । 

भारत माँ……………………

 

तन-मन अर्पित करना होगा । 

तुम्हें जीते जी मरना होगा । 

आज सौगंध लो भारत माँ की,

दुष्ट-दुराचार से नहीं डरोगे । 

भारत माँ………………

 

भाई ही भाई का रक्त बहाएँ ,

बहनें भी सुरक्षित न रह पाएँ । 

युग जननी माँ भारती पूछती ,

यह सब तुम कब तक सहोगे । 

भारत माँ……………………..

 

गाँधी-सुभाष के वंशज हो तुम ,

आजाद-भगतसिंह के अनुज । 

दावानल-झंझावातों से भी,

प्रवीर तुम पीछे नहीं हटोगे । 

भारत माँ……………………

 

निजस्वार्थ का दान देना होगा ,

त्याग की राह पकड़नी होगी । 

अगर प्रभंजन से घबराए ,

देश पर राज कैसे करोगे ?

भारत माँ……………..

 

सुभाषिनी जोशी सुलभ’

इन्दौर मध्यप्रदेश

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