
विधा:–कविता
शीर्षक:–भारत देश महान
सीमा पर जवान खेतों में किसान।
भक्ति और शक्ति का हैं ये मिसाल।
धरती के लिए दोनों ही लड़ें
दोनों के लिए हैं धरती माँ
पग धरें न पीछे अर्पण कर दे सर्वस्व।
केसरिया हरियाली का हैं अनूठा संगम।।
सादगी और सच्चाई जिसकी पहचान।
सीमा पर जवान खेतों में किसान।।
तिरंगे की शान मिट्टी का हैं मान
खून पसीना से सींचे धरा
दोनों से होता हैं हिंदुस्तान
बनता हैं भारत देश महान
दोनों है मान अभिमान स्वाभिमान
हिम्मत और मेहनत का हैं प्रतीक
सीमा पर जवान खेतों में किसान।।
तिरंगा हैं कफन मिट्टी हैं शयन
देश का रक्षक देश का पालक
वीरों के बदौलत हम सब यहाँ
हर वर्ष मनाते आजादी का जश्न
आओ मिलकर करें हम सब ये प्रण
भूलें न कभी इनका उपकार हम
सीमा पर जवान खेतों में किसान।
दोनों महान भारत की है शान।।
स्वरचित:–डॉ अनुपम भारद्वाज मिश्रा



