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मेरा प्यारा राजस्थान

“मेरा प्यारा राजस्थान”

राजस्थान महान हुआ 

रणधीरों की खान हुआ

भारत भर की आन बना 

प्राण विजयी पहचान बना 

यह धरती तलवारों की 

बरछी तीर कटारों की

धरती पन्ना ,जयमल की 

जननी गोरा बादल की 

धरती पद्मा रानी की 

हाडी़ मुणड निशानी की 

पन्ना ने बलिदान किया 

मीरा ने विषपान किया 

गढ़ में गढ़ चित्तौड़ यहां

बलिदान विश्वास यहां 

मां बहनें तक खूब लड़ी 

अंगारों पर कूद पड़ी। 

यहां जली जोहर ज्वाला

कर में प्रण विजय माला 

एकलिंग का जय जयकारा 

महाकाल तक भी हारा

केसरिया बाना जागा

इस धरती के वीरों ने 

विजय वीर प्रताप यहां 

जो भारत की आन बना 

आजादी की शान बना 

जो आंधी तूफान बना 

जिस देश महान हुआ 

घर-घर में यश गान हुआ 

राजस्थान महान हुआ 

रणधीरों की शान हुआ। 

श्वेता ईनाणी, उदयपुर,लेखिका

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