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देश भक्ति

देश भक्ति

 

सबसे महान कार्य है देश की भक्ति करना,

राष्ट्र धर्म सबसे बड़ा ही होना।

शक्ति और सौहार्द की भावना,

सबके दिल में जुड़ी हुई होना।

 

मिट्टी से बने हम सभी मिट्टी में मिल जाएँगे,

तिरंगे की शान बढ़ाएँगे, झुकने नहीं देंगे।

जब तक सीने में साँस है, जिंदाबाद बोलते रहेंगे,

भारत देश हमारा सबसे प्यारा, सबसे न्यारा।

 

भारत के सैनिक सीमा पर हर क्षण जागते रहते,

हाथ में बंदूक लेकर खड़े रहते।

देश की रक्षा करना उनका कर्तव्य बनता,

मृत्यु को सामने से देखते, सब सहकर सीमा पर डटे रहते।

चाहे होली हो या दिवाली हो, सीमा पर खड़े रहते।

 

देश की आज़ादी शहीदों के खून से बनी,

शहीदों ने अंतिम क्षण तक भारत माता का जयकार किया।

उनका कर्ज़ हम चुका नहीं पाएँगे,

धर्म अलग, सबकी भाषा अलग, पर दिल एक ही रहता,

दिल एक ही रहता, हम भारतवासियों का।

 

कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक ही धड़कन होती,

एक ही मन होता, देश हमारा सबसे प्यारा, सबसे न्यारा।

जब तिरंगा लहराता, देश में खुशियाँ छा जातीं,

सीना छप्पन इंच का फूल जाता।

 

वंदे मातरम् बोलते ही मेरे रगों में जज़्बा दौड़ जाता,

यही है देश भक्ति का पाठ, सभी को पढ़ना।

शिक्षा द्वारा शिक्षक हो या प्रोफेसर, शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाता,

देश के विकास में शिक्षा का महत्व बहुत ज़्यादा होता।

 

किसान हो या मजदूर, अपनी मेहनत द्वारा देश की उन्नति के लिए प्रयास करते रहते,

सभी का कर्तव्य देश भक्ति ही कहलाता।

 

–नीलम प्रभा सिन्हा

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