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धानी रंग की चुनर ओढ़ी

धानी रंग की चुनर ओढ़ी ।

कोरे भाव को सजा लिया।

 

कोरी थी मेरी चुनर 

अब बनी है केसरिया ।

 

 बसंती केसरिया धानी मेरी चुनर को,

क्षितिज की लालिमा किरणों से मिला लिया।

सुन्दर पुष्पों का शुभ रंग से इसको शुभ्रता दिया।

 

पावन हो जाए ,

मन मेरा !

इस चुनर को ओढ़कर ।

इस चुनर में मैंने तिरंगा की प्रीत लिखा ।

देश भक्ति की जीत लिखा ।

केसरिया चुनर है मेरी

इसको नई रीत बना लिया ।

 

ओढ़ कर केसरिया चुनर अपना अभिमान जगा लेती हूं।

 

भारत माता की बेटी हूँ ।

केसरिया चुनर से भाव सजा लेती हूं ।

 

*श्यामा* की केसरिया चुनर पर देश की सुन्दर प्रीत लिखो ।

अपने तन मन से मैंने अपना लिया।

 

ऊर्जा का स्रोत है मेरी केसरिया चुनर ।

स्वाभिमान की पहचान है।

देश की माटी की खुशबु से बनी ।

 

देशभक्ति की वायु प्राण है।

मैंने ओढ़ी केसरिया प्रीत रंग की चुनर ।

इस चुनर का नाम रखा देश भक्ति की धानी चुनर ।

     🙏🏻♥️🙏🏻🇮🇳

✍🏻 श्यामा प्रभाकर दास

         मुम्बई

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