E-Paperसाहित्य रचना
“रंग”

“रंग”
हर रंग कुछ कहता है, चुपचाप मुस्कुराता हैं।
जो समझ सका अर्थ उसका ,वह जीवन सीखाता है।
सफेद रंग है सच्चाई का, निर्मल मन की है बात कहता ।
पवित्रता का रूप है वह, शांति का संदेश फैलता।
लाल रंग है जोश का ,कहलाता साहस की जान
प्यार भरा संदेश दे ,जो बढ़ाए मान- सम्मान
पीला रंग ऊर्जा से भरा, परिवर्तन जो लाता
सपनों को सुनहरा करें, नई दिशा जो पाता।
हरा रंग है हरियाली का, जीवन की यही पहचान
संतुलन और समृद्धि से सजा इसका स्थान।
काला रंग भय का, चित्र है गहराई।
सदा नहीं होता बुरा ,जो है हमारी ही परछाई।
नीला रंग है शांत स्वर, आसमान समंदर की गोद।
भेदभाव के बिना गले लगाता ,मिटा दे सबके क्रोध।
रंग सभी अनमोल ,जीवन का यही है सार।
हर रंग की अपनी कहानी ,रंगों से भरा है संसार।
श्वेता ईनाणी, उदयपुर ,लेखिका , समाजसेविका




