सपने

सपने
मैनें देखे हैं सपने अनगिनत हां
तारों की छांव में ,
मेरे सपनो मे आकर साकार कर देना ,
एक छोटा सा संसार बसा देना ।
चांद तारो के साथ खुशी ही खुशी
बिखेर देना ,
प्यार भरा दिल हो सबका जब मिले ,
एक दूसरे से हंस कर मिले ।
दिल से दिल मिला कर मिले ।
गम भूला कर दिल से दिल से दिल मिल जाये ,
सारे गम भूल जाये नफरत न हो किसी से बैर न करे ।
एक दूजे से ईर्ष्या द्वेष का नाम नहो
यहां ऐसा संसार बसा देना ।
तारो के छांव मे रहे एक संग
सब मिल कर भाई भाई बहन भगिनी बन कर ,
पीठ पिछे करे न शिकायत
जो करे प्रत्यक्ष सामने कहे ।
तकलिफ क्षणिक होगी ,
नही होगे तड़प जिन्दगी भर के लिए,
बदले की भावना नही होगी ।
एक दूसरे के सुख दुःख मे साथ साथ रहे ।
अब जहां कष्ट हो राम को ,दर्द उठे रहीम को ऐसा प्रभाव भर दे ।
सभी के मन मे एसा प्रभाव भर दे,
सारा जहां अपना हो ऐसा संसार बसा दे ।
सपनो मे आकर तुम मेरे,
मेरे सपनो को साकार कर दे ।
नीलम प्रभा सिन्हा




