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प्यार

प्यार

 

प्यार क्या है?

तू प्यार है मेरा,

मैं प्यार हूँ तेरा,

प्यार मर नहीं सकता।

 

प्यार है एक सुखद अहसास,

प्यार है एक विश्वास,

एक सुखद अनुभूति,

ईश्वर का अनुपम उपहार।

 

प्यार मर नहीं सकता,

प्यार कभी बूढ़ा नहीं होता।

तू प्यार है मेरा,

तू विश्वास है मेरा।

 

प्यार कभी नहीं मरता,

जितने भी दिन गुजर गए,

प्यार है सदाबहार,

हर वक्त नया नज़र आए।

 

धूप हो या छाँव,

दिन हो या रात,

प्यार है अमर बेल,

जो मर नहीं सकता।

 

प्यार है अनुपम मानसून,

हर पल चाहे बरसना।

गर्मी हो या ठंड,

प्यार सिर्फ देता है।

 

लेता नहीं कभी कुछ,

याद रखने के लिए

मैं दिया उपहार,

अपनी उम्र से कुछ वर्ष।

 

प्यार से, उमंग से,

मोहब्बत से खुश होकर,

प्यार की यादें,

मैं मर भी जाऊँ।

 

पर प्यार नहीं मरेगा,

प्यार अमर रहेगा।

तू प्यार है मेरा,

मैं प्यार हूँ तेरा।

 

— नीलम प्रभा सिन्हा

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