तिरंगा शान हमारा

*तिरंगा शान हमारा*
झंडा की केसरिया रंग,हिम्मत की कहानी कहता ,
सफेद शांति, निर्मलता का जन-जन को संदेश है देता।हरा रंग हरियाली खेतों की खुशहाली बरसाता,
बीच में बने चक्र है देखो,समय की रफ्तार बढ़ाता ।सीने में हिम्मत अनोखी,नम आंखों में गर्व है,
सरहद पर तैनात खड़ा, हर जवान मेरा गर्व है।लाखों कुर्बानियों से मिला है,ये अपना प्यारा चमन,
तिरंगा हमारी जान है, तिरंगा हमारा तन और मन।आजादी का सूरज निकला, फिर से चमका आज है,
शहीदों की याद से, हर दिल में दमका नाज है।बच्चे-बूढ़े तिरंगा नीचे,सभी तो एक साथ खड़े ,
हाथों में तिरंगा झंडा, होंठों पर राष्ट्रगान चले।नहीं भगत का बलिदान, नहीं
सुभाष का सपना तोड़ेंगे।
एकता की डोर से बांधे,भारत को बनाये रखेंगे।अपने खून से सींचा ये चमन, चमकाएं वीरों ने प्यारा,
तिरंगा ऊंचा कर गए,गूंजे वंदे मातरम् का नारा।खेतों में फसल,स्कूल में ज्ञान ऐसा मेरा हिंदुस्तान।
जान दे देंगे देश के नाम, यही हमारा सच्चा काम।जब हम चैन से सोते हैं,वो
सरहद पर जागते हैं।
हम त्योहार मनाते हैं,तब वो
सीने में गोली खाते हैं ।उनके बलिदानों के कारण, है आजाद आज हम,
उनके खून से सींचा सुरक्षित, अपना देश अपना चमन।उनको करते याद सभी,जो लौटकर घर नहीं आए,
तिरंगा ऊंचा कर गए,आज तिरंगा हम फहराएं।चन्द्रकला शर्मा
प्रधान पाठक
बेमेतरा छत्तीसगढ़




