E-Paperसाहित्य रचना
शीर्षक : सफलता

नमन मंच
दिनांक : 10.08.2026
शीर्षक : सफलता
चले हम सदा सही दिशा में,
तभी मिलेगी सहज सफलता।
सत्य-सदाचार का साथ मिल रहे,
विवेक-संयम से सधे मन-चिंता।
प्रभु-स्मरण को साथ लिए हम,
कर्तव्य-पथ पर बढ़ते जाएँ।
आत्मसंयम, निर्मल मन में,
संतोष-परोपकार भाव जगाएँ।
न उलझें अंतर्मन के संघर्षों में,
न छल-कपट का साथ निभाएँ।
सत्य सामने होकर भी यदि,
मोह-माया के बन जाएँ सहारे,
सबसे बड़ी भूल वही होगी,
जब कर्तव्य-पथ से हम हट जाएँ।
सच्ची सफलता तभी मिलेगी,
जब बुद्धि की राह सही होगी।
बुद्धि का घड़ा उल्टा न हो,
तो संभावनाओं की वर्षा होगी।
सत्य, विवेक और संयम लेकर,
जीवन-पथ पर आगे बढ़ते रहें।
कर्म बने अपना सच्चा साथी,
और सफलता के फूल खिलते रहें।
अमिता मराठे
इंदौर मध्य-प्रदेश




