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लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर विनम्र शब्द-पुष्पांजलि

नमन मंच

 

दिनांक: 01.08.2026

 

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर विनम्र शब्द-पुष्पांजलि

 

“स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है”—

युवाओं को दिया अमर यह नारा।

‘केसरी’ और ‘मराठा’ पत्रों से

गूँजा देशभक्ति का जयघोष सारा।

 

पुण्यतिथि पर आज करें हम

उनकी उज्ज्वल विचारधारा का स्मरण।

देशभक्ति की पावन ज्योति जलाकर,

जन-जन में भर दिया नव जागरण।

 

स्वदेशी शिक्षा को लक्ष्य बनाकर,

जन-मन का भय दूर भगाया।

शिक्षा, स्वाभिमान और संगठन का

हर भारतवासी को संदेश सुनाया।

 

देश के वे बने लोकमान्य,

भारत माँ के गौरवशाली सपूत।

केवल वंदन-स्मरण ही पर्याप्त नहीं,

पूरे करें उनके अधूरे संकल्प अटूट।

 

मानव-शक्ति को जागृत करना,

युवाओं का आह्वान यही है।

राष्ट्र-सेवा के पथ पर बढ़ना,

उनकी सच्ची श्रद्धांजलि यही है।

 

जन-जन में प्रेम और एकता का

गणेशोत्सव से दीप जलाया।

विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने

साहस और सुधार का मार्ग दिखाया।

 

कठोर परिश्रम, तीव्र बुद्धि,

दृढ़ निर्णय जिनकी पहचान।

ऐसे वंदनीय लोकमान्य तिलक को

शत-शत नमन, कोटि-कोटि प्रणाम।

 

अमिता मराठे 

लेखिका व समाज सेविका 

इंदौर मध्य-प्रदेश

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