E-Paperसाहित्य रचना

ॐ नम: शिवाय

चौथे सोमवार शिव का, करें हृदय से ध्यान।

ॐ नम: शिवाय 

चौथे सोमवार शिव का, करें हृदय से ध्यान।

भोलेनाथ कृपालु हैं, हरते सकल विधान।

गंगाधर त्रिपुरारी, भक्तों के रखवारे।

शीश जटा में गंगा, नयन ज्योति उजियारे।

 

बेलपत्र अर्पित करें, चढ़ाएँ जल की धार।

ॐ नमः शिवाय जपें, मिटे मनोविकार।

डमरू की धुन गूँजे, कैलाश हुआ सुहाना।

नंदी द्वार विराजे, पावन लगे ठिकाना।

 

दुख-दरिद्र हर लीजिए, हे भोले भंडारी।

शरण आपकी पाकर, जग में सुख हो भारी।

चरणों में शीश रखूँ, विनती बारंबार।

कृपा करो महादेव, भवसागर से पार।

 

मन-मंदिर में दीप जले, गूँजे शिव का नाम।

भक्ति सुधा बरसाएँ भोले, पूर्ण करें सब काम।

हर हर महादेव गूँजे, मंगल हो संसार।

शिव-कृपा से सुखमय हो, जीवन का हर द्वार।

 

स्वरचित 

डाॅ सुमन मेहरोत्रा’ सुरभि’

मुजफ्फरपुर, बिहार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!