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डॉ राधाकृष्णन

डॉ राधाकृष्णन

 

राधा कृष्णन है सखे, शिक्षक बड़े महान।

जन्मदिवस उपलक्ष्य पर, उनको दें सम्मान।।

 

सर्वपल्ली देश के, ज्ञातक बड़े सुधीर।

शोभित भारत रत्न से, सम्मानित जयवीर।।

 

तिरुट्टनी रूझान में, जन्मे तारिख पाँच।

माह सितम्बर में हुआ, जन्मोत्सव का नाँच।।

 

अठारह अठासी यहां, जिए सतासी साल।

दसक रहा उन्नीस का, पचहत्तर मृत काल।।

 

स्वर्ग मिला अप्रैल में, सत्रह तारिख जान।

उमर सतासी साल में, देह हुआ अवसान।।

 

प्रथम बने उपराष्ट्रपति, शिक्षक आस्थावान।

परम्परा गुरु शिष्य का, संवाहक संज्ञान।।

 

इनका दर्शन शास्त्र ही, विषय रहा अनुकूल।

हिन्दू धर्म बचाव में, अर्पित भारत फूल।।

 

कर्म धर्म सेवा किए, राधाकृष्णन दीप।

मोती ज्ञान प्रकाश के, अमर किए वह सीप।।

 

अमर जयंती आपकी, सत् सत् बार प्रणाम।

उजला है संसार में, शिक्षक गुरुवर नाम।।

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सरस्वती राजेश साहू 

चिचिरदा, बिलासपुर छत्तीसगढ़

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