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लिखना
लिखना ———————————–कभी कभी लिखना स्वयं के लिए पुरस्कार से कम नहीं । क्या लिखना है…. क्यों लिखना है…… पर लिखना…
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शीर्षक- बरसो रे बदरा
शीर्षक- बरसो रे बदरा घिर आए मेघ गगन में,हरित धरा फिर मुस्काई। दामिनि चमकी नभ में,शीतल बयार सुहाई॥…
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जिंदगी अधूरी कभी नहीं ——-
जिंदगी अधूरी कभी नहीं ——- यह खामोशी की आवाज भी कितना शोर मचाती है। कभी कभी भयंकर शोर में भी…
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क्यों न आए श्याम
क्यों न आए श्याम मैं हेरी-हेरी देखूँ, अब तक क्यों न आए श्याम। तुम कहाँ रह गए…
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नयी-सी हवा है, नया आसमाँ
नयी-सी हवा है, नया आसमाँ पुरानी सोच को त्यागकर, नई सोच अपनाना है। जागृत उम्मीदों के उजाले में…
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शीर्षक : लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जयंती
शीर्षक : लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जयंती लोकमान्य तिलक, राष्ट्र-ज्योति, जन-मन के थे प्राण। स्वाधीनता का मंत्र दिया, बढ़ा…
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प्रेम
प्रेम ———————————————————————— जिस “ताजमहल” को सारी दुनिया मानती प्रेम की निशानी, वो ताजमहल कितना सुन्दर, सफेद संगमरमर में बना, प्रेम…
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शीर्षक:–पानी नहीं खून हैं।
शीर्षक:–पानी नहीं खून हैं। जो रक्त की कीमत न जानें क्या जाने भविष्य की कीमत शिक्षा की नहीं कोई कीमत…
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आषाढ़ की हरियाली
आषाढ़ की हरियाली आषाढ़ आया लेकर के,सावन का शुभ समाचार , धरती ने हरियाली की सजी, ओढ़ी चादर विस्तार।…
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