पावन बंधन – रक्षाबंधन

पावन बंधन – रक्षाबंधन
पावन है ये बंधन, पावन भाई बहन का प्यार,
बहन-भाई के रिश्ते का, सबसे पावन राखी त्यौहार।
ना कोई मंत्र पढ़ना, ना कोई भी विधि विधान,
बस एक प्यार के धागे में,बंधा हुआ सारा जहान।
हाथों में अक्षत-रोली,बहन के राखी में अटूट प्यार,
भाई की कलाई में राखी बंधा,
बहन को देते प्रेम उपहार।
पावन राखी का बंधन अटूट, जीवन में कभी टूटे ना,
विश्वास की डोरी प्रेम का,भाई से कभी छूटे ना।
बहन की हाथों में राखी,थाली में सजी मिठाई,
बहन भाई का इंतजार,चेहरे पर खुशियां छाई।
रोली टीका,आरती सजाना,वो
राखी के इंतजार में,
रूठना मनाना,प्रेम जताना,वो
कलाई सजाना प्यार में।
ये राखी का पावन बंधन,राजा बलि के मन लिया हर,
यम, यमुना,उमा, बिष्णु जी के राखी का बंधन अमर ।
रेशम का केवल धागा नहीं,ये तो प्रेम की डोर है,
बहन की दुआएं,भाई का प्रेम, जिसका ओर न छोर है।
चन्द्रकला शर्मा
प्रधान पाठक
बेमेतरा छत्तीसगढ़




