
विषय -माँ की लोरी में
देशभक्ति
शीर्षक -देश के वीर सपूतों
दिनांक -14/08/26
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उठो देश के वीर जवानों!
मांँ ने तुम्हें पुकारा है।
देश के गद्दारों को ,
फिर मांँ ने ललकारा है।
देश पर संकट है आया,
दुश्मनों ने वार लगाया ,
चिंगारी शोले बन चमकी,
सत्य, अहिंसा को हथियार बनाया।
प्राणों की परवाह नहीं की,
जान की अपनी कुर्बानी दी,
उन वीरों को हम नमन करें,
भारत को जिसने नई रवानी दी।
वो माताएंँ भी पूज्य, धन्य हैं,
वीरों को जिसने जन्मा है,
मस्तक मांँ का ऊंँचा करने
को वीरों ने लहू बहाया है।।
बिस्मिल, सुभाष, तात्या टोपे
आजाद, भगतसिंह दीवानें,
मौत से नहीं डरते थे वह,
आजादी के जांबाज परवाने।
धूल चटा दुश्मन को वीरों ने,
अपना तिरंगा फहराया था,
जान देकर अपनी देश पर ,
भारत को आजाद कराया था।
माँ की लोरी में देश भक्ति है,
माँ के आँचल में होती शक्ति।
तुम्हीं देश का गौरव बच्चों,
तुम्हीं देश की बच्चों शक्ति।।
उठो देश के वीर जवानों ——
मांँ ने तुम्हें पुकारा है ——-
हमारे देश के वीर अमर रहें
सदा वीरों की मसाल जलती रहे।
जय हिन्द -जय भारत
जय जवान -जय किसान
वन्देमातरम!!
सुषमा सिंह”उर्मि,,




