
शीर्षक: प्रेमचंद – साहित्य की गौरव गाथा
_डॉ. अंजली सामंत_
राष्ट्रीयता का साहित्य देने वाले,
‘नवाबराय’ नाम से कथा-संग्रह लिखा।
राजसत्ता के प्रति विरोध दर्शाया,
अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह प्रकट किया॥1॥किसान का दुःख लिखकर दर्शाया,
वास्तविक भारत का समाज।
उर्दू से हिंदी में आए,
‘सेवासदन’ में मानवीय पीड़ा दिखलायी॥2॥साहित्य में यथार्थवाद को प्रतिष्ठित किया,
‘गोदान’ में शोकांत कथा सुनायी।
त्याग, सेवा, समर्पण, प्रेम, करुणा –
इन मानवीय मूल्यों का महत्व समझाया॥3॥हिंदी उपन्यास के जनक कहलाए,
‘सेवासदन, वरदान, प्रतिज्ञा, कर्मभूमि’।
किसान और गरीबों का दुःख दिखलाया,
जनवादी और बुद्धिजीवियों का सत्य उजागर किया॥4॥दलितों की पीड़ा को आत्मसात किया,
‘ठाकुर का कुआँ’ में गंदे जल का सत्य दिखलाया।
मनोविज्ञान और पारिवारिक जीवन के चित्र उकेरे,
‘सूरदास’ का चरित्र रचा,
अमानवीय समाज का यथार्थ प्रस्तुत किया॥5॥




