E-Paperसाहित्य रचना

मित्रता : सीमाओं से परे एक पावन बंधन

मित्रता : सीमाओं से परे एक पावन बंधन

 

मित्रता वह अनमोल एहसास है,

जो जीवन की हर ऋतु में

आशा, विश्वास और अपनत्व के फूल खिलाता है।

यह केवल एक रिश्ता नहीं,

बल्कि दो हृदयों के बीच जन्मा वह विश्वास है

जो समय की हर कसौटी पर खरा उतरता है।

 

मित्र वही नहीं

जो केवल मुस्कानों का सहभागी बने,

सच्चा मित्र वह है

जो आँसुओं की खामोशी भी पढ़ ले

और बिना कहे साथ खड़ा हो जाए।

 

मित्रता का कोई लिंग नहीं होता।

यह नहीं देखती कि कोई लड़का है या लड़की;

यह केवल सच्चे हृदय, निर्मल विचार,

परस्पर सम्मान और अटूट विश्वास को पहचानती है।

जहाँ सम्मान, मर्यादा और निस्वार्थ अपनापन हो,

वहीं सच्ची मित्रता जन्म लेती है।

 

आइए, अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस पर

हम ऐसे संबंधों को और सशक्त बनाएँ

जो भेदभाव नहीं,

बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और विश्वास का संदेश दें।

 

दो पंक्तियाँ—

 

दोस्ती की पहचान चेहरों से नहीं, चरित्र से होती है,

लड़का हो या लड़की—सच्ची मित्रता बस सम्मान और विश्वास से होती है।

 

अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

मित्रता अमर रहे, मानवता सदा मुस्कुराती रहे।

 

— श्री ठाकुर, देवघर (झारखंड)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!