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विषय -शहादत के सूरज

विषय -शहादत के सूरज
दिनांक -11/08/26
शहादत के सूरज अमर हो गए,
जो देश के लिए कुर्बान हो गए।
वतन के वास्ते यौवन है मिटाया,
जो वतन पर न्योछावर हो गए।
जिसमें देश प्रेम नहीं वो सैनिक नहीं,
मातृभूमि पर जो समर्पित हो गए।
लहु की बूँदें इंकलाब जिंदाबाद बोलीं,
तुम धरा में सदियों तक अमर हो गए।
आज देश को तुम सभी पर नाज है,
भगत,शेखर तुम बलिदान हो गए।
सूरज- चाँद की तरह सदा चमकोगे,
शहादत के सूर्य तुम प्रकाश हो गए।
सुषमा सिंह”उर्मि”




