E-Paperसाहित्य रचना

विषय- सावन में तिरंगा तिरंगे में सावन

रविवारीय प्रतियोगिता 

दिनांक -16/08/2026

विषय- सावन में तिरंगा तिरंगे में सावन

शीर्षक – *सावन की बूंदें तिरंगे पर*

 

सावन की बारिश की बूंदें, तिरंगे पर जब गिरती है,  

केसरिया और भी गहरा,हरा हरियाली बिखेरती है।  

 

झंडे के बीच सफेद रंग और भी निखर जाता है,

बीच वाला चक्र सावन की बूंदों सा नजर आता है।  

 

शहीदों की याद और बारिश की खुशबू,दिल मे समाती,  

एक साथ मिलकर देशभक्ति की भाव मन में जगाती । 

 

आज सावन कहता है गर्व से,

मेरा भारत है हरा-भरा,

वन्दे मातरम् की धुन से, खुशियां लहराए जग सारा।

 

तिरंगे का केसरिया रंग,सावन की मिट्टी सा तप है,  

तिरंगे का सफेद रंग,सावन के बादल सा स्वच्छ है।

  

तिरंगे का हरा रंग ,सावन के खेतों सा समृद्ध है,  

बीच में नीला चक्र बना, सावन के चक्रवात सा अडिग है।  

 

सावन महिना हमें सिखाता है एकता का पाठ,  

भारत की तिरंगा हमें देता है, जीवन जीने की सौगात।  

 

दोनों मिलने से बनता,आजाद खुशहाल हिंदुस्तान,

बहुत ही असरदार है, दोनों की मिलन,दोनों की शान।  

 

तिरंगा लहराए गगन पर, बूंदें सावन की धरती पर ,

सावन में पनपे फसलें अद्भुत,

आजादी तिरंगे पर।  

 

तिरंगा है देश का गर्व, प्रकृति का सावन है,

दोनों को नमन वंदन , क्योंकि दोनों ही अति पावन है।

 

जब सावन में सरहद पर,गोली की बारिश होती है,  

तिरंगे की शान देख, धरती मां खुश खूब होती है।

 

चन्द्रकला शर्मा जी प्रधानाध्यापिका 

बेमेतरा छत्तीसगढ़

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!