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शुभ भोर

01/08/26, शनिवार शुभ भोर 😊😊
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होना न निराश कभी
सूर्य की शुभ प्रकाशित किरणों से सुसज्जित आस सभी
प्रकाशित पुंज से निकल रही होकर प्रकाशमय आस सभी
होना न निराश कभी…
मन तो चंचल है
इत उत्त जाएगी
अंधकार की पटरी से दूर कहीं ले जाएगी
जब सवेरा आ जाएगा
सूर्य की किरणें बाहें फैलाए नित आस मन में बनाएगी
होना न निराश कभी….
प्रकाशित करना आस सभी
शुभ सुसज्जित नव भोर लेकर आया शुभ संदेश अभी
होना न निराश कभी …
टूटने न देना मन की डोर
देख रही शुभ सुंदर भोर
होना न निराश कभी।।
✍🏻 श्यामा प्रभाकर दास
मुंबई




