
बालगीत
नन्हा सिपाही
मैं हूं नन्हा बच्चा,
फिर भी, लड़ने को तैयार हूं।
धरती माता की रक्षा में हरदम,
मरने को तैयार हूं।
मां ने मुझको जन्म दिया,
मैं उनका कर्ज चुकाऊंगा।
मातृभूमि पर जब संकट देखूं,
मैं अपना फर्ज निभाऊंगा।।
अब मुझे बंदूक थमा दो,
सरहद पर मैं जाऊंगा।
मातृभूमि की रक्षा को मैं,
हंसकर शहीद हो जाऊंगा।।दीप्ति गुप्ता’दीप’
फर्रुखाबाद




