E-Paperसाहित्य रचना
शिव महिमा

शिव महिमा
शिव अनन्त अविनाशी
ब्रह्माण्ड का मालिक।
शिव ही सृष्टि का रचनाकार
प्रथम करन करावनहार।
आत्माओं का परमपिता
शिव परमात्मा कहलाता।
त्रिकालदर्शी त्रिलोकी नाथ
शिव परम धाम में रहता।
अज्ञान अंधकार मिटाता
जग में ज्ञान अलोक फैलाता।
ज्योति स्वरूप शिवलिंग
सर्वशक्तिमान सर्वगुणसंपन्न,
परब्रह्म परमेश्वर की।
माला, पुष्प,दूध, बेलपत्र से
शिव पूजन करें नर -नारी।
शिव विवाह की धूम मची
चहुंओर गूंजे शहनाई।
महाशिवरात्रि पर्व मनायें
गायें गीत शिव महिमा के।
निराकार निर्विकारी निरहंकारी
सबका पाप नाशक शिव ही।
शिव शंभो जय भोलेनाथ
भाव भक्ति पर होता प्रसन्न।
शिव अनन्त अविनाशी
ब्रह्माण्ड का मालिक।
अमिता मराठे
लेखिका व समाज सेविका
इंदौर मध्यप्रदेश




