E-Paperमनहरण घनाक्षरी

विषय -शिव की महिमा

मनहरण घनाक्षरी

मनहरण घनाक्षरी 

विषय -शिव की महिमा 

    

 

जय -जय भोलेनाथ, नाथों के भी तुम नाथ।

खेवनहार बनके, हाथ थाम लीजिए।।

 

हस्त में डमरू लिए,गल सर्प धारे हुए।

मस्तक चँदा शोभित,गंग बहा दीजिए।।

 

आपकी मिले जो भक्ति,सकल की सर्वशक्ति।

आशीष मिले शिव का, इच्छा पूरी कीजिए।

 

शिव की जानें महिमा,शिव की जानें गरिमा।

आदि और अंत शिव,यह जान लीजिए।।

 

शिव -शिव जपो सभी, ध्यान लगा कर अभी।

सुमिरन शिव नाम, आठों याम कीजिए।।

 

           सुषमा सिंह उर्मि

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