
मध्य प्रदेश की राजनीति में नेतृत्व की असली परीक्षा उपचुनावों ने ले ली है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा विजयपुर का उपचुनाव पहले ही गंवा चुकी है। अब दतिया में भी रुझान कांग्रेस के पक्ष में बने हुए हैं। यदि यही परिणाम कायम रहता है, तो यह मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा की लगातार दूसरी उपचुनावी हार होगी।
दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीमित संसाधनों के बावजूद संगठन को चुनावी मोड में बनाए रखा। यदि दतिया में कांग्रेस जीत दर्ज करती है, तो यह उनके नेतृत्व में लगातार दूसरा सफल उपचुनाव माना जाएगा।
उपचुनाव सरकार नहीं बदलते, लेकिन जनता का राजनीतिक मूड ज़रूर बता देते हैं। और जब सत्ता पक्ष लगातार उपचुनावों में पिछड़ने लगे, तो संदेश सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं रहता—वह पूरे प्रदेश की राजनीति में गूंजता है।



