कटनी की ‘मिस्ट्री गर्ल’ केस में नया ट्विस्ट: एक साल बाद बोलीं—”मैं शादीशुदा हूं, पति के साथ रहना चाहती हूं”

कटनी की ‘मिस्ट्री गर्ल’ केस में नया ट्विस्ट: एक साल बाद बोलीं—”मैं शादीशुदा हूं, पति के साथ रहना चाहती हूं”
हाईकोर्ट ने 5 अगस्त को अर्चना तिवारी को पुलिस सुरक्षा में पेश करने के दिए निर्देश, बयान के बाद होगा फैसला
एक साल पहले मध्य प्रदेश का चर्चित ‘कटनी मिस्ट्री गर्ल’ मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। जिस युवती की गुमशुदगी ने पुलिस को कई राज्यों और नेपाल सीमा तक तलाश करने पर मजबूर कर दिया था, अब वही युवती खुद को शादीशुदा बताते हुए अपने पति के साथ रहने की अनुमति मांग रही है।
कटनी निवासी अर्चना तिवारी इंदौर में रहकर कानून की पढ़ाई और सिविल जज परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। अगस्त 2025 में रक्षाबंधन पर नर्मदा एक्सप्रेस से इंदौर से कटनी जाते समय वह अचानक लापता हो गई थीं। परिवार के अनुसार उनकी आखिरी लोकेशन भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास मिली थी, जबकि कटनी पहुंची ट्रेन में उनका बैग और मोबाइल सीट पर ही मिला था।
इस मामले में जीआरपी ने कई राज्यों में तलाश अभियान चलाया था। पुलिस ने इटारसी, शुजालपुर, हैदराबाद, जोधपुर, दिल्ली और नेपाल सीमा तक खोजबीन की। बाद में नेपाल पुलिस के सहयोग से अर्चना को वापस लाया गया था।
तब अर्चना ने पुलिस को बताया था कि वह परिवार द्वारा कथित तौर पर एक पटवारी से शादी के दबाव से बचना चाहती थीं और इसलिए उन्होंने खुद ही लापता होने की योजना बनाई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके साथ कोई अपराध नहीं हुआ।
अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अर्चना ने इंदौर हाईकोर्ट को पत्र भेजकर दावा किया है कि उन्होंने 19 फरवरी 2025 को शुजालपुर निवासी सारांश से विवाह किया था और वह अपने पति के साथ रहना चाहती हैं।
दूसरी ओर, सारांश ने भी इंदौर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि अर्चना को उनकी इच्छा के विरुद्ध परिवार के पास रखा गया है।
याचिका पर सुनवाई के दौरान इंदौर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया है कि 5 अगस्त को अर्चना तिवारी को पुलिस सुरक्षा में अदालत के समक्ष पेश किया जाए। अदालत उनके बयान दर्ज करेगी, जिसके बाद यह तय होगा कि बालिग होने के नाते वह अपनी इच्छा से किसके साथ रहना चाहती हैं।
इस तरह, एक साल पहले गुमशुदगी के कारण सुर्खियों में आया यह मामला अब कथित विवाह और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को लेकर फिर चर्चा का विषय बन गया है।




