E-Paperसाहित्य रचना

आजादी के वीर

नमन मंच

दिनांक 3.8.26

शीर्षक 

 

आजादी के वीर

 

मातृभूमि की बलिवेदी पर, थे भारत के तीन महान,

अन्याय के विरुद्ध लड़े, कर गए अमर बलिदान।

 

“इंकलाब ज़िंदाबाद” का गूँजा अमर उद्घोष,

भगत सिंह के साहस ने भर दिया जन-जन में जोश।

 

क्रांति-पथ के दृढ़ प्रहरी थे वीर सुखदेव महान,

हँसते-हँसते फाँसी चढ़कर बढ़ाया भारत का मान।

 

“जहाँ मरने या मारने का हो अवसर, मुझे सदा आगे रखना”,

निर्भीक राजगुरु का जीवन था साहस का उज्ज्वल सपना।

 

हँसते-हँसाते संदेश दे गए—

जिंदगी उसी की है, जो जिंदादिल होकर जीता है।

 

युवाओं को उन्होंने दिया स्वाभिमान का पावन आह्वान—

“जो हमें कुचल रहे हैं, उन्हें अन्याय सहित रोकना होगा;

एक बार जो ठान लिया, फिर पीछे कदम न होगा।”

 

भारत माँ के लाड़ले बेटों ने अमर कहानी रच डाली,

अपने रक्त से स्वतंत्रता की स्वर्णिम गाथा लिख डाली।

 

शत-शत नमन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को,

राष्ट्र सदा ऋणी रहेगा इन अमर क्रांतिवीरों के बलिदान को।

 

 अमिता मराठे

इंदौर, मध्य-प्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!