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गोंडा : जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला सिर्फ एक प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि रिश्तों, समाज और कानून—तीनों के लिए चेतावनी है

गोंडा : जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला सिर्फ एक प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि रिश्तों, समाज और कानून—तीनों के लिए चेतावनी है.

परना गांव की रहने वाली 30 वर्षीय विवाहिता मनीषा तिवारी, जो दो बच्चों की मां है, अपने ही 19 वर्षीय भांजे विनीत दीक्षित के साथ फरार हो गई. बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले चार महीनों से प्रेम संबंध था.यह वही भांजा था, जिसका इस घर में आना-जाना सामान्य था, लेकिन उसी भरोसे की आड़ में यह रिश्ता समाज की हर मर्यादा को तोड़ गया.

जब पति को इस संबंध की जानकारी हुई तो उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन मनीषा अपने फैसले पर अड़ी रही.हालात इतने बिगड़ गए कि दो महीने पहले महिला ने आत्महत्या का प्रयास तक कर डाला.परिवार ने किसी तरह मामला संभाला, लेकिन अंततः वह रात आई जब मामी ने आधी रात को भांजे को घर बुला लिया.

भांजे को घर में पकड़ने के बाद भी दोनों अलग होने को तैयार नहीं हुए.मामला थाने तक पहुंचा, जहां दोनों ने लिखित रूप से साथ रहने की सहमति जताई.महिला ने अपने पत्र में साफ लिखा कि उसका पति और दोनों बच्चों से अब कोई रिश्ता नहीं है और वह अपनी मर्जी से भांजे के साथ जा रही है.

यह मामला कई सवाल खड़े करता है—

क्या सिर्फ सहमति रिश्तों की मर्यादा तोड़ने की छूट देती है?

क्या दो मासूम बच्चों का भविष्य केवल एक “प्रेम” के फैसले पर छोड़ा जा सकता है?

और क्या ऐसे मामलों पर समाज की चुप्पी आने वाली पीढ़ी को गलत दिशा नहीं देगी?

कानून भले ही बालिगों की सहमति को देखे, लेकिन समाज रिश्तों की पवित्रता से चलता है.अगर ऐसे मामलों पर सिर्फ कानूनी चश्मे से देखा गया, तो आने वाले समय में पारिवारिक ढांचा और ज्यादा कमजोर होगा.

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