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महिला सिपाही के ब्लैकमेल नेटवर्क का खुलासा, कई दारोगा और सिपाही प्रेमजाल में फंसे

 

महिला सिपाही के ब्लैकमेल नेटवर्क का खुलासा, कई दारोगा और सिपाही प्रेमजाल में फंसे

 

महिला सिपाही के ब्लैकमेल नेटवर्क का खुलासा, कई दारोगा और सिपाही प्रेमजाल में फंसे

 

यूपी में महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा से जुड़े नए खुलासों ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। जांच में सामने आया है कि वह पिछले कई वर्षों से पुलिसकर्मियों को प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल कर रही थी। वर्ष 2022 में पीलीभीत के पूरनपुर थाने में तैनाती के दौरान उसने एक सिपाही से मोटी रकम की मांग की थी। इसके बाद बरेली और जालौन में भी उसने इसी तरह कई दारोगा और सिपाहियों को निशाना बनाया।

 

 

मीनाक्षी पहले बातचीत बढ़ाकर निजी संबंधों का हवाला देती और फिर पैसों की मांग कर दबाव बनाती थी। इस पूरे खेल में उसके पिता और भाई भी सहयोग करते थे। गिरफ्तारी के समय भी उसके पिता ने उसे हिम्मत दिलाई और जल्द छुड़वाने की बात कही।

 

जांच में पता चला है कि उसके मोबाइल की सीडीआर में सिर्फ तीन दिनों में 100 से अधिक कॉल दर्ज हैं। इन कॉलों में सामान्य फोन कॉल के साथ वॉट्सऐप कॉल भी शामिल हैं, जिससे उसके कई पुलिसकर्मियों से गहरे संपर्क की पुष्टि होती है। मामले की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है।

 

घटना की शुरुआत शुक्रवार रात हुई थी, जब कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय को गोली लगी और बाद में उनकी मौत हो गई। उसी समय मीनाक्षी कमरे से बाहर निकलकर चिल्लाई कि स्टेशन प्रभारी ने खुद को गोली मार ली है, जिसके बाद वह वहां से चली गई। बाद में राय की पत्नी माया देवी ने मीनाक्षी पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई, जिसके आधार पर उसे जेल भेजा गया।

 

एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि पूरनपुर में उसने एक सिपाही से 25 लाख रुपये की मांग की थी। बरेली में भी उसने एक थाना प्रभारी और दो सिपाहियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उसके मोबाइल रिकॉर्ड में कोंच, नदीगांव, कुठौंद और उरई थानों के कई पुलिसकर्मियों से नियमित बातचीत के सबूत मिले हैं। इन सभी से पूछताछ की जा रही है।

 

एसआईटी अब मौत, ब्लैकमेल और व्यक्तिगत संबंधों से जुड़ी कड़ियों को जोड़ते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा जाएगा।

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