ग़ज़ल
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गजल
गजल काफिया —- ओ की बंदिश रदीफ—- अब तो। बहर— 1222-1222-1222-1222=28 वतन की शान में मिलकर कदम बढ़ते चलो…
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गजल सृजन
विषय –गजल सृजन काफिया —आने रदीफ़- लगे। बहर-212–212–212–212=20 राम को ध्यान में हम लगाने लगे, भक्ति की ज्योति उर…
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ग़ज़ल :— गैरतमंद होना चाहिए
ग़ज़ल :— गैरतमंद होना चाहिए आशियाने को मकां नहीं घर बनाना चाहिए। हर द्वार रुहानियत के दीपक जलाना चाहिए ।…
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