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दिनांक 31 मई 2026 रविवार को व्हाट्स ऐप में साप्ताहिक प्रतियोगिता आयोजित हो रही है।

आप सभी सदस्यों से विन्रम निवेदन है कि अधिक से अधिक सदस्य भाग लेकर सफल बनाएं।

 

🌻  

*|| श्री गणेशाय नमः ||*  

 

*साहित्य-सृजन की दिशा में एक स्वर्णिम संकल्प*  

*साप्ताहिक प्रतियोगिता – आपकी कलम, समाज का दर्पण*  

 

*वरिष्ठ संरक्षक आदरणीय सुरेश बन्छोर जी का*  

*समस्त सुधी साहित्यकार बंधु-भगिनियों को संध्या-वंदन*  

 

सृजन-साधकों,  

 

जैसा कि आप सभी विदित हैं, *दिनांक 31/05/2026, रविवार* को *“साहित्यिक मित्र मंडल, जबलपुर”* के गरिमामय मंच पर साप्ताहिक सृजन-प्रतियोगिता का आयोजन सुनिश्चित किया गया है।  

 

*इस रविवारीय प्रतियोगिता का ज्वलंत विषय है:*  

*”वृद्धाश्रम बढ़ते क्यों जा रहे हैं ?”*  

 

वह आँगन जहाँ बचपन खेला, वही घर आज वीरान क्यों?  

जिन हाथों ने हमें चलना सिखाया, वे हाथ वृद्धाश्रम की दहलीज पर क्यों?  

यह प्रश्न नहीं, समाज के मुँह पर एक तमाचा है। आइए, अपनी लेखनी से इस पीड़ा को शब्द दीजिए।  

 

*विधा:* गद्य, पद्य, ग़ज़ल, मुक्तक, दोहा, लघुकथा, संस्मरण – आपकी अभिव्यक्ति स्वतंत्र है।  

 

*समस्त उत्कृष्ट रचनाकारों से विनम्र आग्रह है* कि इस वैचारिक यज्ञ में अपनी सृजन-आहुति देकर मंच की गरिमा बढ़ाएँ।  

 

*प्रतियोगिता के अनिवार्य नियम:*  

 

1. *समय-सीमा:* प्रातः *08:00 बजे* से सायं *06:00 बजे* तक। इसके पश्चात प्राप्त रचनाएँ अमान्य रहेंगी।  

2. *विषय-उल्लेख:* प्रत्येक रचना में विषय *”वृद्धाश्रम बढ़ते क्यों जा रहे हैं ?”* का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य है, अन्यथा रचना स्वतः अस्वीकृत मानी जाएगी।  

3. *प्रमाण-पत्र हेतु:* जिन प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण-पत्र में अपना चित्र अंकित करवाना है, वे कृपया रचना के साथ अपना स्पष्ट पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करें। प्रमाण-पत्र निर्गत होने के उपरांत चित्र जोड़ना संभव नहीं होगा।  

4. *परिणाम घोषणा:* बुधवार, सायंकाल।  

 

*स्वीकृत रचना-प्रारूप:*  

अनुशासन ही साहित्य की शोभा है। कृपया इसी प्रारूप में रचना प्रेषित करें:

अन्तर्राष्ट्रीय साहित्यिक मित्र मंडल, जबलपुर, मध्यप्रदेश

व्हाट्स ऐप साप्ताहिक प्रतियोगिता

दिनांक: 31 मई 2026, रविवार

विषय: “वृद्धाश्रम बढ़ते क्यों जा रहे हैं ?”

 

[यहाँ अपनी रचना लिखें]

 

रचनाकार: [नाम]

पता: [जिला, प्रदेश]

मोबाइल: [नंबर]

*साहित्यिक पटल पर आप सभी कवि-कवयित्रियों का हार्दिक अभिनंदन है।*  

 

*संरक्षक मंडल:* डॉ कवि कुमार निर्मल, पुष्पा निर्मल, गायत्री ठाकुर ‘सक्षम’, सुरेश बन्छोर ‘वरिष्ठ संरक्षक’, मंजू चौधरी ‘अनामिका’, ममता साहू  

*पदाधिकारी:* कीर्ति यादव ‘अध्यक्षा’, चाहत गोस्वामी ‘उपाध्यक्षा’, सीमा अग्रवाल ‘महासचिव’, डॉ मोनिका रघुवंशी एवं समस्त समूह पदाधिकारी  

 

*निवेदक:* विनय पान्डेय, मीनू सरदाना, कीर्ति यादव  

 

*सम्माननीय निर्णायक मंडल:*  

1. आदरणीया विभा जोशी त्रिपाठी जी, दिल्ली  

2. आदरणीया प्रिया उदयन जी, केरला  

3. आदरणीया सुमन पान्डेय जी  

 

*आइए, शब्दों से समाज को झकझोरें। कलम उठाइए, क्योंकि मौन अब अपराध है।*  

 

*सादर*  

*साहित्यिक मित्र मंडल, जबलपुर*

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