मध्य प्रदेश

कलेक्‍टर श्री तिवारी ने बरही में धान उपार्जन हेतु 5 स्‍व-सहायता समूहों की दी जिम्‍मेदारी

 

कलेक्‍टर श्री तिवारी ने बरही में धान उपार्जन हेतु 5 स्‍व-सहायता समूहों की दी जिम्‍मेदारी

कटनी – खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर जिले में पंजीकृत कृषकों से धान उपार्जन का कार्य शुरू है। धान उपार्जन का कार्य 20 जनवरी तक किया जायेगा। कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी ने बरही तहसील में धान उपार्जन हेतु 5 स्‍व-सहायता समूहों को धान उपार्जन का दायित्‍व सौंपा है और इनके पर्यवेक्षण एवं सुचारू संचालन के लिये नोडल अधिकारी नियुक्‍त किये हैं।

इन स्व-सहायता समूहों को मिली उपार्जन की जिम्‍मेदारी

जारी आदेश के अनुसार उपार्जन केन्‍द्र पिपरियाकला-2 में उपार्जन का दायित्‍व गुलाब स्व-सहायता समूह पिपरियाकला को सौंपा गया है। जहां एच एन बी वेयरहाउस 149, पिपरियाकलां उपार्जन स्‍थल हेतु ग्रामीण कृषि विस्‍तार अधिकारी श्री बम्‍हानन्‍द परस्‍ते को नोडल अधिकारी नियुक्‍त किया है। इसी प्रकार उपार्जन केन्‍द्र हदरहटा-1 में उपार्जन का दायित्‍व खुशी स्व-सहायता समूह, केवलारी को सौंपा गया हैं। जहां उपार्जन स्‍थल यशिका एग्रो वेयरहाउस कुंआ के नोडल हल्‍का पटवारी श्री अनिल मुवेल होंगे। वहीं उपार्जन केन्‍द्र करेला में उपार्जन की जिम्‍मेदारी पार्वती स्व-सहायता समूह, करेला को मिली है। जहां उपार्जन स्‍थल करेला के नोडल हल्‍का पटवारी श्री पुरूषोत्‍तम कुमार काछी होंगे। जबकि उपार्जन केन्‍द्र हदरहटा-2 का दायित्‍व शारदा स्व-सहायता समूह, करेला को सौंपा गया हैं। जहां उपार्जन स्‍थल हदरहटा के नोडल हल्‍का पटवारी श्री राजेश कुमार सोनी होंगे। इसके अलावा उपार्जन स्‍थल बगैहा में उपार्जन की जिम्‍मेदारी रामजानकी स्व-सहायता समूह, करौंदीखुर्द को दी गई है। जहां उपार्जन स्‍थल बगैहा के नोडल हल्‍का पटवारी श्री अनुज सिंह पोरते होंगे।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान का समर्थन मूल्य रूपये 2369 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। कृषकों से उपार्जन कार्य सप्ताह में 5 दिवस (सोमवार से शुक्रवार) प्रातः 8 बजे से सायं 8 बजे तक किया जायेगा एवं कृषक तौल पर्ची सांय 6 बजे तक जारी की जायेगी। जिन कृषकों की उपज की तौल अपरिहार्य कारणवश सोमवार से शुक्रवार के बीच निर्धारित दिवस को नहीं हो सकेगी, उनकी तौल शनिवार को की जायेगी।

उपार्जन केन्द्र संचालन हेतु आवश्यक भौतिक एवं मानव संसाधन की व्यवस्था केन्द्र संचालन संस्था के द्वारा की जायेगी। उपार्जन केन्द्र पर एफएक्‍यू अनुसार नमूने प्रदर्शित किया जायेगा। उपार्जन केन्द्र पर एफएक्‍यू गुणवत्ता संबंधी बैनर का प्रदर्शन अनिवार्यतः किया जायेगा। गुणवत्ता सर्वेयर एप में सर्वेयर/प्रभारी का नाम, मोबाइल नंबर को पंजीकृत करना आवश्यक है। नान एफएक्‍यू धान को रिजेक्ट कर कृषक को अपग्रेड करने हेतु समझाइश दिया जाना तथा अमान्य उत्पाद का सेम्पल रखना अनिवार्य है।

ई-उपार्जन पोर्टल पर कृषक द्वारा अपनी उपज विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग http://mpeuparjan.nic.in पर की जा सकेगी। कृषक के स्लॉट की वैधता अवधि 7 कार्य दिवस होगी। कृषक द्वारा उपज विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग उपार्जन के अंतिम 10 दिवस छोड़कर की जा सकेगी।

धान की भरती 40 किलो बारदाना वजन के मानक में की जाएगी। इससे अधिक मात्रा की तौल बोरे में कदापि न की जाए। खाद्यान्न की भरती 580 ग्राम स्टेण्डर्ड वजन के नवीन जूट बोरों में एवं 500 ग्राम पुराने (Ones used) जूट बोरों में मानक भरती की जाएगी।

केन्द्र द्वारा प्रत्येक बोरे पर नीला रंग से निर्धारित प्रारूप में 18X18 इंच की स्टेंसिल (छापा) लगाई जाएगी, यह छापा नवीन जूट के बारदाने, एक भरती जूट के बारदाने जो भी थान भरती के उपयोग मैं लाये जाने हेतु राज्य शासन द्वारा अनुमत्य किए जाएंगे, उन पर लगाना अनिवार्य होगा। बारदानों की प्राथमिकता के आधार पर विद्युत चलित मशीन से नीला रंग के धागे से डवल सिलाई की जाएगी।

उपार्जन समाप्ति पश्चात उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध तथा उपयोग में न लाए गए समस्त क्षतिग्रस्त (कटे-फटे) एवं उपयोग से शेष नए बारदाना उपार्जन समिति से संबंधित उपार्जन एजेंसी द्वारा यथासंभव 15 दिवस के अन्दर प्राप्त किए जाएंगे। कटा-फटा, क्षतिग्रस्त बारदाना जिसके कटे-फटे, क्षतिग्रस्त होने की सूचना उपार्जन समिति द्वारा बारदाना प्राप्ति से अधिकतम 10 दिवस में पंचनामा सहित रिकार्ड पर सूचना दी गई हो।

कृषक या नॉमिनी द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय हेतु लाई गई उपज की केन्द्र पर सर्वप्रथम कृषक तौर पर्ची जारी की जायेगी। ई-उपार्जन पोर्टल पर उपार्जन केन्द्र के लॉगिन से खरीदी की प्रविष्टि के समय विक्रेता कृषक /नॉमिनी एवं उपार्जन केन्द्र के प्रभारी के आधार ई-केवाईसी (ओटीपी या बायोमेट्रिेक) सत्यापन के उपरांत ही स्कंध की खरीदी की मात्रा की प्रविष्टि एवं खरीदी देयक जारी होगा एवं इसके उपरांत ही कृषक से उपज की खरीदी मान्य होगी।

उपार्जन केन्द्र पर स्कंध के स्टैंक नहीं लगाये जाने पर असमायिक वर्षा से स्कंध के खराब होने का उत्तरदायित्व उपार्जन समिति का होगा।

भारत सरकार द्वारा उपार्जन केन्द्रों पर उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर केन्द्रका श्रेणीकरण किया जाना है, जिस हेतु उपार्जन केन्द्र प्रभारी द्वारा उपार्जन केन्द्रपर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी एवं फोटोग्राफ्स भारत सरकार के पोर्टल PCSAP.IN पर अपलोड किये जायेंगे।

कलेक्‍टर श्री तिवारी ने नोडल अधिकारियों को उपार्जन केन्द्रों पर उपस्थित रहकर उपार्जन कार्य सुचारू रूप से सम्पादित कराने, धान विक्रय करने में कृषकों को होने वाली असुविधा का निराकरण कराने का दायित्‍व सौंपा है। नियोजित अधिकारी प्रतिदिन की प्रगति से खाद्य शाखा को अवगत करायेंगे।

 

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