साहित्य प्रतियोगिता
ज़िंदगी की भागती राहों में

ज़िंदगी की भागती राहों में,
थोड़ा ठहरना ज़रूरी है।
सपनों की धूल झाड़कर,
दिल से कुछ करना ज़रूरी है।
शौक की छोटी-सी लौ
को जलाए रखिए,
जीवन के अंधेरों में
उजाले बनाए रखिए।
व्यस्त दिनों की थकान
जब मन को घेरे,
रंग सपनों के हृदय में
बसाए रखिए।
संगीत, चित्र, कविता
या कोई भी कला,
मन की धरती पर
हमेशा खिलाए रखिए।
ये शौक ही तो जीवन को
मधुर बनाते हैं,
सूने पलों में भी हँसी
सजाए रखिए।
सफलता की दौड़ में
खुद को न भूलें,
अपने भीतर का बच्चा
जगाए रखिए।
शौक ज़िंदा रहें तो
मन भी ज़िंदा रहेगा,
जीवन में हर दिन
खुशियाँ बनाए रखिए
मोनालिसा की कविता अच्छी लगे ,
या न लगे no problem
But……..!!
आप फेस पे स्माइल
फिलहाल बनाए रखिए




