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संजय गांधी चिकित्सालय रीवा में रविवार को ऑपरेशन थिएटर में लगी आग के दौरान प्रसूता महिला को बचाने की जल्दबाजी में नवजात शिशु का शव ओटी में ही रह गया।

 

संजय गांधी चिकित्सालय रीवा में रविवार को ऑपरेशन थिएटर में लगी आग के दौरान प्रसूता महिला को बचाने की जल्दबाजी में नवजात शिशु का शव ओटी में ही रह गया। यह शव देर शाम सफाई के दौरान मिला, जो बुरी तरह झुलस चुका था। रात में शव को मॉर्चुअरी में रखवाया गया और सोमवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के मुताबिक प्रसूता कंचन साहू रामपुर बाघेलान के ग्राम धतिया की रहने वाली हैं और वर्तमान में ग्राम गहिरा थाना गोविंदगढ़ में रहती हैं। उनके पति विदेश में हैं। रविवार को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने पहले ही बताया था कि गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो चुकी है और मां को बचाने के लिए ऑपरेशन जरूरी है। ऑपरेशन सफल रहा और डॉक्टर टांके लगा रहे थे, तभी ओटी में अचानक आग लग गई। स्टाफ ने प्रसूता को तुरंत बाहर निकाला, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि कोई अंदर नहीं जा सका। इस कारण नवजात का शव ओटी में ही छूट गया और झुलस गया। आग बुझने के बाद सफाई के दौरान शव बरामद हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने इसकी पुष्टि की है। घटना के कई घंटे बाद शव की जानकारी मिलने से प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। अस्पताल अधीक्षक ने मामले की जांच कराने की बात कही है।

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