नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) ने नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर एक नई एफआईआर दर्ज की है. ईडी द्वारा ईओडब्लू में शिकायत दर्ज कराने के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई है.

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) ने नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर एक नई एफआईआर दर्ज की है. ईडी द्वारा ईओडब्लू में शिकायत दर्ज कराने के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई है. कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों ने रविवार को बीजेपी पर आरोप लगाया कि नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी पर FIR दर्ज कर बीजेपी उन्हें निशाना बना रही है, क्योंकि वह बीजेपी की वोट चोरी का पर्दाफाश कर रहे थे
CWC सदस्य दिल्ली पुलिस द्वारा नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में FIR दर्ज करने से नाराज़ थे, जिसमें पूर्व कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ कुछ अन्य लोग भी आरोपी बनाये गये हैं. कांग्रेस ने आरोपों को झूठा बताते हुए खारिज कर दिया है. कहा कि यह मामला 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद से बीजेपी की राजनीतिक साजिश का हिस्सा है.
CWC सदस्यों के अनुसार, हाल ही में निशाना इसलिए साधा गया क्योंकि राहुल ने 9 राज्यों और 3 UTs में वोटर लिस्ट में चल रहे बड़े बदलाव को वोट चोरी बताया था. इसी तरह की धमकी तब भी दी गई थी जब राहुल ने पिछले सालों में विवादित भूमि अधिग्रहण बिल, नोटबंदी और तीन काले कृषि कानूनों का खुलासा किया था.
CWC सदस्य जगदीश ठाकोर ने ETV भारत को बताया, “वे (बीजेपी ) परेशान हैं कि वह अलग-अलग तरीकों से वोट चोरी का पर्दाफाश कैसे कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने पार्टी को SIR का पर्दाफाश करने का निर्देश दिया है. इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों को भी लामबंद कर रहे हैं. उनके पास राहुल गांधी के उठाए गए सवालों के जवाब नहीं हैं. इसलिए, वे जनता का ध्यान भटकाने के लिए नेशनल हेराल्ड मामले में FIR करके उन्हें टारगेट कर रहे हैं. यह मामला फर्जी है.”
जगदीश ठाकोर ने कहा कि बीजेपी को अपने पिछले अनुभव से सीखना चाहिए था. राहुल गांधी एक बार जब वह किसी मुद्दे को पहचान लेते हैं तो उसे उसके लॉजिकल नतीजे तक ले जाते हैं. बीजेपी के लिए चिंता की बात यह है कि वोट चोरी को लेकर जनता के बीच उसकी पोल खुल रही है. दिल्ली में SIR के खिलाफ 14 दिसंबर की रैली पूरे देश में यह मैसेज देगी.
SIR छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल और 3 UTs यानी अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में चल रहा है. असम में वोटर लिस्ट का स्पेशल रिवीजन हो रहा है जो SIR से अलग




