फाॅरेस्ट के तमाम नाकों पर प्राइवेट कर्मचारियों के हाथ में “कमान
डीएफओ के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है अमला, स्थानीय स्तर पर लगातार की जा रही अनदेखी।
फाॅरेस्ट के तमाम नाकों पर प्राइवेट कर्मचारियों के हाथ में “कमान”
डीएफओ के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है अमला, स्थानीय स्तर पर लगातार की जा रही अनदेखी।
(संवाददाता विनय पाण्डेय)
कटनी मध्यप्रदेश जिला मुख्यालय के तीनों फाॅरेस्ट नाके अघोषित रूप से प्राइवेट व्यक्तियों के हवाले हैं। स्थिति यह है कि वाहनों की चेकिंग से लेकर अन्य तरह की जिम्मेदारी इन्हीं एवजदार लोगों के हाथ में होती है। जिसके चलते ये तीनों नाके शो पीस बनकर रह गए हैं।शहर में ही कई मामले ऐसे आए हैं जब इन नाकों से अवैध लकड़ी के वाहन बकायदा टाल तक पहुंच गये और यहां का अमला होता रहा। नेशनल हाईवे ३० पर पीरबाबा देवरी कैलवारा कला और शहडोल रोड में सुर्खी पोड़ी के पास नाके में इस तरह की की मनमानी व्याप्त है।
इसी तरह वनरक्षक शुभम पाण्डेय सैलारपुर भीतरी में पदस्थ हैं जबकि वो कटनी में बढ़िया रहते हैं और तनख्वाह हर महीने प्राप्त कर रहे हैं।
जबकि डीएफओ ने पहले ही सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा था कि किसी भी नाके पर प्राइवेट व्यक्ति पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों पर कार्यवाही के साथ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके बाद भी नाकों की स्थिति जस की तस बनी हुई है जिससे विभागीय सख्ती सिर्फ कागजों में सीमित होकर रह गई है।





